शहीद धर्मेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव सरैया ।
★ भारत माता के जयकारे से गूंज उठा गांव ।
बिक्रमगंज (रोहतास) जिला के बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र का सैनिक उड़ीसा के नऊपड़ा में नक्सली हमला में शहीद हुए। रोहतास जिला के कच्छवाँ थाना के सरैया के रहने वाले सीआरपीएफ के जवान धर्मेंद्र कुमार सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव सरैया पहुंचा। शव के पहुंचते ही भारत माता की जयकारे से पूरा इलाका गूंज उठा। हजारों की संख्या में युवाओं ने अपने दिवंगत शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए ग्रामीणों के अलावा आसपास के लोग भी ईकट्ठा हो गए। देर रात शहीद धर्मेंद्र कुमार सिंह का शव उसके गांव पहुंचा। वही आज सुबह पूरे रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने राइफल से फायरिंग कर अपने दिवंगत साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। सीआरपीएफ के आईजी के अलावे रोहतास के एसपी आशीष भारती, डीआईडी छत्रनिल सिंह, उप विकास आयुक्त शेखर आनंद के अलावे अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि नक्सलियों से लोहा लेते हुए उड़ीसा के जंगलों में सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद हो गए थे। जिसमें रोहतास के धर्मेंद्र कुमार सिंह भी थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह अपने दो भाइयों में सबसे बड़े हैं तथा इनके दो संताने भी हैं। घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं। शहीद जवान 'सरैया' गांव के किसान रामायण सिंह के बड़े पुत्र थे तथा वर्ष 2011 से सीआरपीएफ में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। धर्मेंद्र कुमार सिंह की उनके सर्वोच्च बलिदान पर पूरा गांव गर्वान्वित भी हैं तथा अपने शहीद बेटे के अंतिम विदाई में शामिल हो रहे है।
