कलश यात्रा के साथ तीन दिवसीय मारुति नंदन महायज्ञ शुरु ।
बिहार ...
अरविंद कुमार
संवाददाता
करपी (अरवल) प्रखंड क्षेत्र के कृष्णा नगर बुधु बीघा गांव में कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय मारुति नंदन महायज्ञ शुरु हुआ। गाजा बाजा के साथ कलश जल यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों महिलाएं व पुरुष नए वस्त्र धारण कर शामिल हुए। गोवर्धन भगवान के प्रांगण से यात्रा प्रारंभ होकर कृष्णा नगर गांव भ्रमण करते हुए बाजीतपुर, राधे नगर,डायन विगहा, रामापुर, खजूरी,राम किशन विगहा, हंसराज बाग, आनंद बाग,करपी, मखमिलपुर होते हुए काली घाट पुनपुन नदी तट पहुंचा जहां अयोध्या से आए स्वामी राम नारायण दास खरेश्वरी के नेतृत्व में आचार्यो ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना और जलभरण कराया। इसके बाद कलश लेकर लोग वापस यज्ञस्थल पर पहुंचे। यज्ञ स्थल पर कलश को स्थापित पूजा-अर्चना की गई। यात्रा में शंकर भगवान हनुमान जी की आकर्षक झांकी निकाली गई मनमोहक झांकी का नेतृत्व समाजसेवी डॉ ज्योति प्रसाद उर्फ शत्रुघ्न पंडित ने किया झांकी श्रद्धालुओं सहित आसपास के गांव के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा इस मौके पर समाजसेवी डॉ ज्योति ने कहा सिर पर कलश रखने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा पवित्र व निर्मल होती है।
ऐसे भक्तों पर भगवान की विशेष कृपा होती है। कलश यात्रा में तीनों देव ब्रम्हा, विष्णु व महेश के साथ-साथ 33 कोटि देवी देवता स्वयं कलश में विराजमान होते हैं। वहीं कलश को धारण करने वाले जहां से भी ग्राम का भ्रमण करते है वहीं की धरा स्वयं सिद्व होती जाती है। जो अपने सिर पर कलश धारण करता है उसकी आत्मा को ईश्वर पवित्र और निर्मल करते हुए अपनी शरण में ले लेते हैं। जिनके तमाम रोग दोष विकारों का भगवान हरण कर देते है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इस दौरान भक्तिमय माहौल में जय श्री राम जय हनुमान हर हर महादेव आदि के नारे से पूरा वातावरण भक्ति में रहा स्वामी राम नारायण दास खारीश्वरी जी महाराज के वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मारुति नंदन महायज्ञ का शुभारंभ हुआ वही इस कलश यात्रा में घोड़े ऊंट भी थे गोवर्धन भगवान के प्रांगण में मारुति नंदन महायज्ञ 2 जून से 8 जून तक चलेगा यज्ञ में भंडारे का भी आयोजन किया गया है यज्ञ समिति के सदस्य अरुण कुमार, साधु यादव, निर्भय यादव, बालेश्वर सिंह, कमलेश यादव, चंदेश्वर यादव,राम इकबाल यादव, शिव कुमार यादव ,राम दीत यादव,सुजीत कुमार, सुनील कुमार,रंजीत कुमार, गुड्डू कुमार, आचार्य नेता बाबा अनिल बाबा महेश दास सहित काफी मात्रा में ग्रामीण शामिल थे ।


