मोतीचक प्राथमिक विधालय में 2007 से दो शिक्षक के सहारे शिक्षण कार्य
2007 के बहाल शिक्षक चंचल कुमार बराबर प्रतिनियुक्ति पर प्रखंड कार्यालय में जमे..
राकेश कुमार
वंशी (अरवल) सोनभद्र वंशी सूर्यपुर प्रखंड क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय मोती चक में 2007 से दो शिक्षक के सहारे सैकडों एक से पाँच वर्ग तक छात्र छात्राओं शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं.2007 में बहाल शिक्षक चंचल कुमार का इतिहास 23 वर्षो में एक भी दिन स्कूल में बच्चों को शिक्षा का पाठ नहीं पढ़ाए. बराबर विधालय से प्रतिनियुक्ति पर प्रखंड मुख्यालय में निर्वाचन कर्मी बन कर जमे रहते हैं. बच्चों को स्कूल में शिक्षा का पाठ पढ़ाने से दूर रहकर प्रखंड में जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं को राजनीतिक पाठ पढ़ाने में चर्चित है . प्राथमिक विद्यालय मोती चक के प्रभारी प्रधानाध्यापक नरेश राम से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की घोर कमी है. शिक्षकों की कमी के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर बराबर असर देखने को मिलता है .प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में नोमनीत 115 छात्र-छात्राओं की संख्या है. जिसमें 3 शिक्षक विद्यालय में कार्यरत हैं .लेकिन 2007 में बहाल शिक्षक चंचल कुमार योगदान के बाद विद्यालय में बच्चों को शिक्षण कार्य में कभी रुचि नहीं लिया .बराबर प्रखंड पदाधिकारी के दबाव में प्रतिनियुक्ति पर बराबर प्रखंड मुख्यालय में जमे रहते हैं. प्रधानाध्यापक ने बताया कि प्रखंड में जमे प्रखंड विकास पदाधिकारी के आदेश अनुसार पंचायत चुनाव को लेकर चंचल कुमार को अपने साथ प्रखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर रखे है. प्रधानाध्यापक ने शिक्षकों कमी को लेकर कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी तक शिक्षक चंचल कुमार को क्लास वर्ग में बच्चों को शिक्षण कार्य कराने की मांग किया गया .लेकिन विभागीय उदासीनता रवैया एवं प्रखंड में जमे प्रखंड विकास पदाधिकारी के मिली भगत से शिक्षक चंचल कुमार प्रखंड में जमे हैं. प्रधानाध्यापक नरेश राम ने बताया कि हाल ही के दिन प्रतिनियुक्ति रद्द किया गया है. विद्यालय में चंचल कुमार योगदान तो लिया लेकिन प्रखंड विकास पदाधिकारी ब्रजेश कुमार दीपक को विदाई समारोह को लेकर विद्यालय में अवकाश छुट्टी लेकर पुनः प्रखंड में जाना काफी निंदनीय है. विद्यालय में चावल के अभाव में बच्चों को मध्यान भोजन बंद पड़ी है. विद्यालय का बाउंड्री टूटने के कारण विद्यालय में मवेशियों के साथ बकरियों का जमावड़ा लगा रहता है. शौचालय एवं पेयजल के संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि इन दिनों पानी का लेयर काफी नीचे जाने से विद्यालय में लगाए गए तीन चापाकल में दो चापाकल बंद पड़े हैं .मात्र एक चापाकल के सहारे बच्चों की भोजन एवं शौचालय में पानी का उपयोग किया जाता है.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
प्रधानाध्यापक नरेश राम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी जे प्रियदर्शनी से विद्यालय में शिक्षक कमी को दूरकरने को मांग किया है .
