Sunday, July 3, 2022

अगले साल से अंसारी साहब की जयंती भब्य रूप में मनेगी : एडवोकेट निसार ।

अगले साल से अंसारी साहब की जयंती भब्य रूप में मनेगी : एडवोकेट निसार ।






महान स्वतंत्रता सेनानी व बिहार के पूर्व मंत्री अब्दुल कयूम अंसारी साहब की 118 वीं और 1965 के भारत-पाक जंग के नायक शहीद कैप्टन अब्दुल हमीद की 89 वीं जयंती आज अरवल के श्रीकृष्णा आश्रम में, मइनोरिटीज वेलफेयर सोसाइटी' के तत्वाधान में मनाया गया. संयुक्त जयंती समारोह के मौके पर " अब्दुल कयूम अंसारी और पसमांदा मुस्लिम राजनीति  " बिषय पर एक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया, उक्त परिचर्चा को संबोधित करते हुए माइनॉरिटी वेलफेयर सोसाइटी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी ने कहा की दोनों महापुरुषों का जन्म दिवस तो एक जुलाई है, लेकिन आज 03 जुलाई को यह प्रोग्राम किया जा रहा है,  उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अंसारी साहब मात्र 16 साल की उम्र में ही अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था का विरोध करते हुए जेल यात्रा किया था, उनमें बचपन से ही देश प्रेम की भावना भरी पड़ी थी, उन्होंने साइमन कमीशन के भारत आगमन का जमकर विरोध किया था, मुस्लिम लीग की अलगाववादी नीतियों और पाकिस्तान बनाने की मांग का भी कड़ा विरोध किया था, 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिए 1945 में पाकिस्तान-हिंदुस्तान बंटवारे की बैठक हो रही थी उक्त बैठक में  ही अंसारी साहब ने बंटवारे और जिन्ना का कड़ा विरोध और जिन्ना को लताड़ लगाई, 1947 में जब भारत का विभाजन हो रहा था तो उन्होंने मुस्लिम समाज से यह अपील किया कि वे लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान ना जाए, भारत में ही रहें, जिसका काफी असर पसमांदा मुस्लिम लोगों पर पड़ा.   
       आजादी के बाद  बिहार सरकार में मंत्री बनाए गए, शिक्षा मंत्री के रूप में अनेक कार्य उन्होंने किया, 1953 में " ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लाससेज कमीशन "  का गठन भी इन्होंने ही करवाया एक बहुत बड़ा कदम था और उसके बाद ही मंडल कमीशन बना तथा 27% आरक्षण पिछड़े समाज को मिला, अधिवक्ता निसार अख्तर अंसारी ने आगे कहा कि स्व. अब्दुल क्युम अंसारी समाज के एक बड़े नेता थे, पिछड़े मुस्लिमों के नेता होने के कारण अन्य लोग कदम कदम पर विरोध किया करते थे वे लोग नहीं चाहते थे कि पिछड़े मुस्लिम आगे बढ़े और नेतृत्व करें, विधायक, सांसद बनें, उनको यह गवारा नहीं था. आज के समय में  पसमांदा मुस्लिमों की आबादी 90% है जबकि राजनीति में जिनकी आबादी 10% है ऐसे लोग  ही काबिज हैं, और ये जब सदन में जाते तो पिछड़े मुस्लिमों की हक अधिकार की बात है वे सदन में भूल से भी नहीं उठाते हैं, इसलिए आज के समय में पिछड़े मुस्लिमों को चाहिए कि वे अपने समाज के नेताओं को आगे बढ़ाने का काम करें, अपने समाज के लोगों को सदन में भेजने का काम करें, ताकि वे बैकवर्ड मुस्लिमों के हक की बात सदन कर सकें,  उन्होंने शहीद कैप्टन अब्दुल हमीद साहब को याद करते हुए कहा कि जो लोग मुस्लिमों पर पाकिस्तानी सपोर्टर होने का आरोप लगाते हैं उनके मुंह पर कैप्टन साहब तमाचा हैं, कैप्टन अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तान के दर्जनों टैंको को अपने प्राणों की आहुति देकरह तबाह वो बर्बाद करने का काम किया,इसी का नतीजा है कि भारत पाकिस्तान युद्ध में भारत को जीत मिली. शहीद अब्दुल हमीद की शहादत यह याद दिलाती है कि भारतीय मुसलमान देशभक्त होते हैं. परिचर्चा को ओबरा से आए मास्टर मोहम्मद नसीम  ने संबोधित करते हुए कहा आज के समय में दोनों महापुरुषों की जीवनी को नौजवानों के बीच प्रचारित प्रसारित करने की जरूरत है, ताकि नौजवान इनसे प्रेरित हो सकें, इनसे शिक्षा ग्रहण कर सकें. उमैराबाद हाई स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक मोहम्मद मोइनुद्दीन कहा एक कपड़ा बुनने वाले का बेटा तो दूसरा कपड़ा सिलने वाले का बेटा हैं, दोनों ने भारत को बुलंदियों पर पहुंचाने का कार्य किया है, दोनों पिछड़े समाज के अति महत्वपूर्ण नेताओं में से एक हैं! पत्रकार रहे समाजसेवी अकबर अली चैन ने अपने शेरो शायरी भरी भाषण पूरे माहौल में जोश भरने का काम किया, उन्होंने दोनों महापुरुषों का नमन करते  हुए कहा कि दोनों महापुरुष हम लोगों के लिए आदर्श हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और देश की प्रगति, उन्नति किया जा सकता है. इस कार्यक्रम में एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी, मास्टर जमील अख्तर अंसारी, मास्टर मो मोइनुद्दीन, मास्टर मो नसीम , जावेद अख्तर, सगीर शाह, मोहम्मद हैदर अली, जाहिर हुसैन, फैयाज अहमद, इस्लाम अंसारी, पूर्व मुखिया मो  उमैर अंसारी, फहीम अंसारी, इरफान अहमद, अमन अख्तर, हाफिज मो. शहाबुद्दीन सहित सैकड़ों लोगों ने शिरकत किया.  कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी ईसलाम अंसारी ने किया जबकि संचालन मास्टर जमील अख्तर अंसारी  ने किया.

डेहरी के 2 दोस्तो की औरंगाबाद में मौत पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार मौके पर ही दोनों ने तोड़ा दम रोहतास:-- ब्यूरो चीफ दिनेश तिवारी की रिपोर्ट। डेहरी (रोहतास) डेहरी के स्टेशन रोड के रहने वाले दो दोस्तों की औरंगाबाद में एक्सीडेंट में मौत हो गई। जपला-नवीनगर रोड के तेतरिया-नवनेर गांव के पास हादसा हुआ है। दोनों दोस्त शादी समारोह से वैगन-आर कार से वापस लौट रहे थे। गाड़ी बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई और दोनों की मौत हो गई। मृतक मनीष कुमार स्टेशन रोड के गुरू कृपा मेडिकल हॉल के मालिक विश्वनाथ गुप्ता का पुत्र मनीष कुमार है तथा एक अन्य समीप के चाय दुकान उमेश कुमार का पुत्र सोनू कुमार बताया जा रहा है मृतक मनीष मेडिकल दुकान चलाता था। घर की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। विश्वनाथ गुप्ता हृदय रोग से पीड़ित थे। मनीष उनको इलाज के लिए दिल्ली ले जाने वाला था। मनीष की एक बेटी और एक बेटा है। पत्नी मुन्नी देवी, मां निर्मला देवी सबका रो-रोकर हालत खराब है। सोनू घर का बड़ा बेटा था। दोनों की मौत के बाद परिजनों में चीत्कार मची है।

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