*बरसात से पहले हो भगत सिंह चौक सहीत पूरे अरवल शहर से जल निकासी की कारगर ब्यवस्था : निसार अख्तर अंसारी*
अरवल शहर में बरसाती पानी सहीत घरों में इस्तेमाल किए गए पानी की निकासी की कोई भी समुचित ब्यवस्था नहीं है.दशको पूर्व भगत सिंह चौक के पास रहे दो बड़े तालाब शहर की पानी को अपने में समेट लेने का कार्य करते थे, कांग्रेस पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के बताया कि भगत सिंह चौक पर रोड के उतरी तालाब में बालिका उच्च बिधालय का निर्माण 1996-97 में अरवल बिधायक के तत्कालीन श्री रविंद्र सिंह शुरू किए थे तभी शहर से जल निकासी के लिए एक मास्टर प्लान तत्कालीन बिधायक महोदय द्वारा बनाया गया था जिसके अनुसार शहर की पानी को सोन नदी में गिराने के लिए बड़े नाले का निर्माण किया जाना था. लेकिन आज तक ऐसे बड़े नाला का निर्माण नहीं हो सका है. इस बीच रोड के दक्षिणी तालाब में भी बालिका छात्रावास का निर्माण हो गया और अरवल शहर में पानी निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई. कई बिधायक बनें, श्री रविंद्र सिंह दुबारे 2015 में बिधायक बनें मगर 1996-97 के मास्टर प्लान वाला बड़े नाला नहीं बन पाया.
इसी बीच अरवल में " स्वच्छ अरवल - सुंदर अरवल" के नारे के साथ "नगर परिषद" का भी गठन हुआ, नगर परिषद के द्वारा करोड़ों - करोड़ रुपये शहर के देख रेख और स्वच्छ रखने के लिए खर्च किए जा रहे हैं, पानी निकासी के लिए एक ही नाले का दो तीन बार निर्माण किया गया, जिसके द्वारा पानी निकलता ही नहीं है. क्योंकि नाली का निर्माण करने वालों को कमाई करने से मतलब था, पानी निकले या नहीं निकलें, नतीजा है कि आज भी हल्के-फुल्के बारिश होने पर ही भगत सिंह चौक पर दो फिट पानी जमा हो जाता है. पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है, कितने लोग दुर्घटना के शिकार होते हैं.
कई लोग अरवल नगर परिषद के चेयरमैन हुए लेकिन ये लोग भी कमीशन वसुली में लगे रहे, शहर के मूलभूत समस्याओं पर कभी ध्यान ही नहीं दिया, इनके नजरों (प्राथमिकता) में वार्ड पार्षद ही रहें कि वार्ड पार्षदों को किसी तरह खुश रखें, एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी ने जारी बयान में जिला प्रशासन एवं नगर परिषद अरवल से यह मांग किया है कि बरसात से पूर्व भगत सिंह चौक सहीत परे शहर के जल निकासी की कागगर ब्यवस्था किया जाय ताकि शहरवासियों को गंदगी में न रहना पडे, और नगरवासी बीमारी के चपेट आनें से बच सकें.
