ई कृषि भवन कलेर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन|
कलेर|सूक्ष्म कृषि योजना के तहत ई किसान भवन कलेर में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया| उधान के सहायक निर्देशक ठाकुर रवि शंकर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन मगध के उद्यान के उप निर्देशक पवन कुमार ने किया| इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों को सिंचाई की नई आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराने के लिए सूक्ष्म सिंचाई योजना शुरू की है| राज्य सरकार ने फसलों को पैदावार दोगुनी करने के लिए इस प्रकार की योजना को प्रदेश में लागू किया है| इस प्रणाली से 70 प्रतिशत जल की बचत होती है, साथ ही पौधों को जरूरत के हिसाब से पानी मिलता है, इस विधि में रासायनिक उर्वरकों को घोल के रूप में जल के साथ फसल को प्रदान किया जाता है| योजना के तहत ड्रिप रिप्रकल पर 90 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है| इसके अतिरिक्त योजना के तहत पुराने कुओ को पुनर्जन्म, छत के पानी एकत्रीकरण, टिब्बे पर सूक्ष्म सिंचाई व्यवस्था और खेती योग्य भूमि में शत प्रतिशत पानी के प्रबंधन की व्यवस्था की जायेगी| उन्होंने कहा कि यह योजना खेत के स्तर पर सूक्ष्म सिंचाई जैसे ड्रिप एवं रिंप्रकल सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से जल उपयोग क्षमता में बढ़ोतरी पर केंद्रित है, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने के अलावा, यह घटक सूक्ष्म सिंचाई के लिए पूरक स्रोत निर्माण को लेकर सूश्रम स्तरीय जल भंडारण या जल संवर्धन प्रबंधन गतिविधियों का भी समर्थन करता है| इस योजना के हालिया मूल्यांकन अध्ययनों से संकेत मिलते हैं कि सूश्रम सिंचाई का कवरेज राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक है इन प्राथमिकताओं में खेती के पानी के उपयोग दक्षता में काफी सुधार, फसल उत्पादकता में वृद्धि, किसानों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करना और रोजगार के अवसरों को पैदा करना आदि शामिल है| इसके अलावा यह योजना किसानों के लिए कई मदो में लाभ सुनिश्चित कराने को लेकर प्रभावी है | इस अवसर पर सहायक तकनीकी प्रबंधक सह प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी कलेर विकास कुमार निराला, कृषि समन्वयक धीरेंद्र कुमार ,श्वेता रानी , सुनील कुमार ,मनोज कुमार, लेखापाल लक्ष्मी कुमारी, कंप्यूटर ऑपरेटर जरीना खातून, अरुण कुमार, जनार्दन महतो ,गोपाल माली सहित संबंधित क्षेत्र के सभी किसान मौजूद थे|
