आबादी के अनुसार नौकरी में दिया जाए आरक्षण :- नागमणि ।
अरवल,
शोषित इंकलाब दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि ने बिहार में होने वाली जनगणना का विरोध किया है। उन्होंने परिसदन में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि ऐसे जनगणना से कोई फायदा नहीं है। आबादी के हिसाब से सरकार सरकारी नौकरियों में आरक्षण पहले दें। उसके बाद जनगणना कराये। 52 प्रतिशत पिछड़ा का आबादी है और आरक्षण मात्र 27 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जुड़िसीयरी सर्विस कमीशन के आधार पर जजों का नियुक्ति होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट में जजों का नियुक्ति सर्विस कमीशन से होगा तभी लोगों को जल्दी न्याय मिल पायेगा। कहीं कोई घटना का फैसला आते आते पंद्रह से बीस साल तक लग जाता है।कई लोग तो बिना न्याय के ही स्वर्ग सिधार जा रहें है। उन्होंने कहा कि नई पार्टी पुरे देश में काम करेगा।पहले बिहार में पार्टी को मजबूत बनाएंगे। आने वाले लोकसभा चुनाव तक पार्टी मजबूत बन जाएगी।कई दलों में घूमकर पार्टी बनाने के पीछे कारण है कि देश के सभी दल लिमिटेड कम्पनी है।सिर्फ दो का ही चलती रहता है। मेरे दल में सभी जाति धर्म को बराबर हिस्सेदारी मिलेगा। जिस जाति का शासन हुआ वह जाति बिहार में आगे बढ़ा है। अगला मुख्यमंत्री कोइरी जाति से होगा। क्योंकि राज्य में तीसरा बड़ा आबादी कोइरी का है। कोइरी को मुख्यमंत्री बनाने का लक्ष्य के साथ कार्य करेंगे।
प्रेस वार्ता में नागमणि के पुत्र सौरव, भरत कुशवाहा, अमरेश कुमार, उदय कुमार गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।
