Thursday, June 2, 2022

फिर क्यों चर्चा में आ गई है वार्ड पार्षद माला सिन्हा व उनके पति सितेश रमन ।

फिर क्यों चर्चा में आ गई है वार्ड पार्षद माला सिन्हा व उनके पति सितेश रमन ।


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★ फिर चर्चा में है पटना की यह महिला वार्ड पार्षद जानिए क्यों


यह है पटना की नंबर वार्ड वार्ड पार्षद माला सिन्हा जहां सरकारी फंड पड़ता है कम खुद कराती हैं विकास कार्य।माला सिन्हा ने कहा वे नंबर वन नहीं नंबर वन उनके क्षेत्र के लोग हैं जो विकास को पसंद करते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में अपना 100 फ़ीसदी देने का प्रयास किया है जहां कहीं भी जरूरत पड़ी है लोगों की सेवा के लिए तत्पर रही हैं।पटना।पटना का वार्ड 44 यूं ही आदर्श वार्ड के रूप में नहीं विकसित हुआ है इसके पीछे संघर्ष है वहां की वार्ड पार्षद माला सिन्हा व उनके पति सीतेश रमन का।एशिया पोस्ट के तत्वावधान में कराए गए सर्वे में राजधानी पटना के वार्ड 44 को सर्वश्रेष्ठ वार्ड के रूप में चिन्हित किया गया है। इस वार्ड में नाले नालियों गलियों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरी गुणवत्ता के साथ करवाया गया है।यह पटना का एकलौता वार्ड है जहां के स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल रही है फागिंग मशीन से इस वार्ड में सभी इलाकों में मच्छर मारने की दवा का भी छिड़काव किया जाता है यहां के सौ फ़ीसदी लोगों को वृद्धावस्था पेंशन लाल कार्ड राशन कार्ड इत्यादि उपलब्ध है। लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए वार्ड पार्षद द्वारा जनसेवक नियुक्त किए गए हैं जो लोगों के घरों तक जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और उसका निदान भी करते हैं हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से वार्ड के समस्याओं पर 24 घंटे नजर भी रखी जाती है
 आमतौर पर कोई भी चुनाव जीतने वाला व्यक्ति समाज सेवा के साथ ही साथ खुद के सेहत को भी सुधारता है पर हम आज आपको एक ऐसे जनप्रतिनिधि के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने चुनाव से पूर्व खुद के निजी कोष से अपने इलाके में एक बड़ी सड़क का ही निर्माण करवा दिया यह जनप्रतिनिधि है पटना कि वार्ड 44 की वार्ड पार्षद माला सिन्हा जिनके पति सितेश रमन भी बिहार के चर्चित समाजसेवी है पिछली बार पटना नगर निगम के वार्ड 44 से चुनाव लड़ने से पूर्व माला सिन्हा के पति सितेश रमन ने अपने इलाके के एक सड़क का जीर्णोद्धार अपने निजी कोष से करवाया। इस सड़क के निर्माण को लेकर यह दंपत्ति राष्ट्रीय स्तर तक चर्चा में आ गया। इलाके के लोगों ने वार्ड पार्षद बनाया उसके बाद कार्यों की झड़ी लग गई सभी सड़कों का निर्माण जल निकासी की व्यवस्था सफाई की व्यवस्था इलाके में कई पार्क का निर्माण छठ घाट का निर्माण गरीब तबकों के लिए राशन और आवास की व्यवस्था वृद्धावस्था पेंशन सामाजिक सुरक्षा पेंशन की व्यवस्था की गई जहां सरकारी फंड कम पड़ा वहां इन्होंने अपने निजी कोष से लोगों की सहायता की। यही कारण है कि चुनाव पूर्व किए गए सर्वे में पटना के सर्वश्रेष्ठ वार्ड पार्षद के रूप में वार्ड नम्बर 44 से माला सिन्हा एकबार फिर से आगे हैं. सीतेश रमण और माला सिन्हा के काम से इलाके के लोग काफी प्रभावित हैं. दोनों के कुशल नेतृत्व से लोग काफी खुश भी हैं. काम के बदौलत लोग फिर से माला सिन्हा के पक्ष में हैं. क्षेत्र में काम की चर्चा है. इनका वार्ड आदर्श वार्ड के रूप में सुमार है. यानी वार्ड नम्बर 44 से माला सिन्हा आगे हैं. इलाके के लोग कहते हैं कि यहां पर 100 फ़ीसदी कार्य हुआ है आपको वार्ड 44 में कोई ऐसा इलाका नहीं मिलेगा जहां स्ट्रीट लाइट नहीं जलती हो समय-समय पर नालियों की सफाई होती है फागिंग मशीन से मच्छर मारने वाली दवाई का छिड़काव किया जाता है वार्ड पार्षद खुद सालों भर सक्रिय रहती हैं लोगों के सुख-दुख की भागीदार होती है जिसकी जिस रूप में सहायता कर सकती हैं करती है। पटना के अन्य वार्ड की अपेक्षा यहां का विकास तेजी से हुआ है जहां कहीं भी सरकारी फंड कम पड़ा है माला सिन्हा ने वहां भी अपने निजी कोष से काम करवाया है।

डेहरी के 2 दोस्तो की औरंगाबाद में मौत पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार मौके पर ही दोनों ने तोड़ा दम रोहतास:-- ब्यूरो चीफ दिनेश तिवारी की रिपोर्ट। डेहरी (रोहतास) डेहरी के स्टेशन रोड के रहने वाले दो दोस्तों की औरंगाबाद में एक्सीडेंट में मौत हो गई। जपला-नवीनगर रोड के तेतरिया-नवनेर गांव के पास हादसा हुआ है। दोनों दोस्त शादी समारोह से वैगन-आर कार से वापस लौट रहे थे। गाड़ी बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई और दोनों की मौत हो गई। मृतक मनीष कुमार स्टेशन रोड के गुरू कृपा मेडिकल हॉल के मालिक विश्वनाथ गुप्ता का पुत्र मनीष कुमार है तथा एक अन्य समीप के चाय दुकान उमेश कुमार का पुत्र सोनू कुमार बताया जा रहा है मृतक मनीष मेडिकल दुकान चलाता था। घर की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। विश्वनाथ गुप्ता हृदय रोग से पीड़ित थे। मनीष उनको इलाज के लिए दिल्ली ले जाने वाला था। मनीष की एक बेटी और एक बेटा है। पत्नी मुन्नी देवी, मां निर्मला देवी सबका रो-रोकर हालत खराब है। सोनू घर का बड़ा बेटा था। दोनों की मौत के बाद परिजनों में चीत्कार मची है।

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