जिलाधिकारी रोहतास के निर्देश पर जांच दलों द्वारा 317 खाद दुकान, 165 विधालयों, 18 स्वास्थ्य उप केंद्रों की गहनता पूर्वक एवं विशद जांच की गई
रोहतास ब्यूरो चीफ प्रभारी दिनेश तिवारी
सासाराम (रोहतास) जिलाधिकारी, रोहतास, धर्मेन्द्र कुमार के निर्देश पर,सम्पूर्ण रोहतास जिले में,159 प्रखंडस्तरीय जांच दलों तथा 19 जिलास्तरीय जांच दलों द्वारा स्वयं जिलाधिकारी रोहतास के नेतृत्व में , 317 फ़र्टिलाइज़र रिटेल शॉप्स, 165 विद्यालयों, 18 स्वास्थ्य उप केंद्रों की गहनतापूर्वक एवं विशद जांच की गई।
स्वयं जिलाधिकारी द्वारा सासाराम मुख्यालय स्थित शेरशाह सूरी उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के क्रम में, जिलाधिकारी ने शिक्षकों तथा छात्र/छात्राओं से भी इंटरेक्शन किया। इन" मेगा जांचों" का उद्देश्य बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इनका उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में गुणात्मक परिवर्तन लाना है, सकारात्मक सुधार लाना है ना कि किसी को दंडित किया जाना है।सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, वैल्यू एजुकेशन मिले, सुदूर ग्रामीण अंचल के वंचित/निर्धन परिवार के बच्चों का समग्र विकास हो, यही सरकार एवं जिला प्रशासन का अंतिम लक्ष्य है।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में आचरण एवं व्यवहार रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी शिक्षकों से विद्यालय अवधि में अध्यापन के अलावा खाली समय मे वाचनालय /रीडिंग रूम में अपने ज्ञान को अपडेट करने तथा छात्रों की व्यक्तिगत/मनोवैज्ञानिक/शैक्षणिक समस्याओं के निराकरण में सकारात्मक सहयोग करने का निर्देश दिया।उन्होंने विद्यालय प्राचार्य को नियमित रूप से क्विज, डिबेट, खेल-कूद प्रतियोगिता आयोजन कराते रहने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि खाद के खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण एवं स्टॉक, विक्रय मूल्य इत्यादि की जांच आगे भी जारी रहेगी।
स्वास्थ्य उप केंद्रों की व्यापक जांच के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण जनता विशेषकर वंचित वर्गों को ,उनके निकटतम स्थल पर, बेहतर दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं, निरंतर और गुणवत्तापूर्ण रूप से, उपलब्ध कराया जाना सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य एवं जिला प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता है।
ज्ञातव्य है कि सभी 159 क्षेत्रीय जांच दलों के जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रखंड मुख्यालय में ही उन प्रखंडों के वरीय प्रभारियों द्वारा अपराह्न 3 बजे की जानी है।तत्पश्चात, प्रखंडवार समेकित प्रतिवेदन की समीक्षा जिलास्तर पर संध्या 7 बजे, स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जानी है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में, आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

