सभी सरकारी कार्यालयों में उर्दू भाषा का हो इस्तेमाल : निसार अख्तर अंसारी ।
अंजुमन तरक्की ए उर्दू जिला शाखा अरवल की एक बैठक आज श्रीकृष्ण आश्रम अरवल में अंजुमन के उपाध्यक्ष हाजी इस्लाम अंसारी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अरवल जिले में उर्दू भाषा की तरक्की के लिए काफी गहनता से विचार-विमर्श किया गया, अंजुमन के जिला सचिव एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अरवल जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा पिछले दिनों उर्दू में छपी अरवल की पहली किताब जो कि राज्य उर्दू निदेशालय के काफी दबाव पर आनन-फानन में छपवाया गया, उर्दू किताब छपने पर खुशी ब्यक्त किया गया परंतु उक्त किताब छपवाने की अरवल जिला अंजुमन तरक्की ए उर्दू को किसी तरह की कोई जानकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी जो जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी भी हैं के द्वारा नहीं दिया गया और न कोई सहयोग ही लिया गया जिसके कारण छपी किताब में काफी कमियां रह गई है जैसे अरवल जिले में उर्दू भाषा या अल्पसंख्यक समाज से संबंधित किसी भी संस्था के बारे में कोई जानकारी तो नहीं ही दिया गया है, यहां तक कि बिहार सरकार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत संचालित अंजुमन तरक्की ए उर्दू के जिला शाखा के पदाधिकारियों का कोई परिचय मोबाइल नंबर के साथ इस किताब में नही है, जो अति आवश्यक था.और अरवल जिले में संचालित उर्दू भाषा या अल्पसंख्यक समाज से संबंधित संस्थाओं के साथ ही उर्दू और अल्पसंख्यक सामाज के महत्वपूर्ण समाजी लोगों का भी मोबाइल नम्बर इस किताब में होना चाहिए था, इस बैठक में प्रभारी पदाधिकारी के इस रवैया का भी निंदा किया गया.
दूसरी प्रस्ताव में अंचल कार्यालय कुर्था द्वारा एक दाखिल खारिज आवेदन को यह कहकर खारिज करने पर चिंता व्यक्त किया गया जिसमें अंचल कार्यालय द्वारा यह बताया गया कि वसीका उर्दू में है जो पढ़ा नहीं जा सकता, ऐसा कर के उक्त कर्मचारी द्वारा राज्य की दुसरी राजकीय भाषा उर्दू का अपमान किया गया है, वैसे कर्मचारी पर कार्रवाई किया जाना चाहिए, तथा उर्दू अनुवादक अंचल कार्यालय कुर्था को जल्द मुहैया कराए जाने की मांग किया गया. पूर्व में ही यह फैसला लिया गया था कि अरवल जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यालय एवं पदाधिकारियों का नाम उर्दू में लिखा जाना चाहिए. एक अन्य प्रस्ताव में यह तय किया गया कि उर्दू के विकास के लिए अरवल जिले के सभी 5 प्रखंडों में प्रखंडवार उर्दू एवं अल्पसंख्यक शिक्षकों, शिक्षिक्षकाओं की बैठक कराया जाए, जिसके मुताबिक आगामी 24 जुलाई 2022 को अरवल प्रखंड के शिक्षकों की एक बैठक की जाएगी, पुनः गांव गांव में भी इसके लिए बैठक करके उर्दू भाषा के तरक्की के लिए छात्रों, अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा. तीसरे प्रस्ताव फैसला लिया गया कि ऐसे सभी उर्दू शिक्षकों को जो सरकार के दूसरे कार्यालय में अन्य कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है उन्हें अपने मूल विद्यालय में भेजा जाए एवं उर्दू शिक्षक से उर्दू भाषा की ही पढ़ाई करवाया जाय. किसी दूसरे बिषय का नहीं. जिले के सभी कार्यालयों में उर्दू अनुवादको की पदस्थापना किया जाए, एक अन्य प्रस्ताव में राज्य अंजुमन तरक्की ए उर्दू के सचिव अब्दुल कयूम अंसारी से यह मांग किया गया कि प्रदेश कमेटी द्वारा अरवल जिले में उर्दू के तरक्की के लिए उर्दू कार्यशाला, उर्दू वाद विवाद प्रतियोगिता कराने हेतु आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाय.
इस बैठक में अंजुमन तरक्की ए उर्दू अरवल के सचिव एडवोकेट निसार अख्तर अंसारी, उपाध्यक्ष हाजी इस्लाम अंसारी, कोषाध्यक्ष मास्टर जमील अख्तर अंसारी, पुर्व मुखिया मो उमैर अंसारी, पूर्व वार्ड पार्षद इस्लाम अंसारी, एडवोकेट मो जावेद अख्तर, फैयाज अहमद, मास्टर मो नसीम, सगीर शाह, अकबर अली चैन, जाहिर अंसारी, हाफिज मो शहाबुद्दीन, हैदर अली, इरफान अंसारी, अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक मो मोइनुद्दीन, आकिब अख्तर, सहीत दर्जनों लोग शामिल हुए और जिले में उर्दू के तरक्की पर जोर दिया.
