Tuesday, July 5, 2022

सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा को ही प्राथमिकता दी जाए। किसी अन्य भाषा अपने अपने निजी जीवन में ही हो अन्य भाषा का प्रयोग। वहिष्कार शब्द को हटाया जाए।

सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा को ही प्राथमिकता दी जाए। किसी अन्य भाषा अपने अपने निजी जीवन में ही हो अन्य भाषा का प्रयोग। वहिष्कार शब्द को हटाया जाए।




रोहित मिश्रा संवाददाता

अरवल जिला के भाजपा जिला अध्यक्ष अजय पासवान ने हिंदी भाषा की महता और जरूरत को दर्शाते हुए कहा सरकारी दस्तावेजों, प्रशिक्षण केंद्रों, परीक्षाओं के अलावे सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी भाषा के अतिरिक्त अन्य उर्दू अंग्रेजी भाषाओं को हटाने के लिए सरकार से की माँग ।

अजय पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार हिंदी एवं अध्यात्म के प्रति सकारात्मक विचार रखती है, और हिंदी मातृभाषा के प्रति टिप्पणी करना मातृभाषा पर कीचड़ उछालना है । या हिंदी के अतिरिक्त अन्य किसी भाषा को इससे ऊपर दिखाना या इससे बेहतर बनाना अपमानजनक है ।

उन्होंने कहा की हिंदुस्तान हिन्दू बहुल राष्ट्र होने के साथ साथ हिंदी बहु भाषी राष्ट्र है खासकर इसका प्रदेश बिहार जहाँ क्षेत्रीय भाषा का भी अपना बड़ा महत्व है । फिर भी सभी हिंदी भाषी हैं चाहे वे किसी धर्म संप्रदाय व जाति के हों, हिंदी भाषा का हर किसी के जीवन में अहम स्थान है, जहां लिखना बोलना और पढ़ना तीनों इस भाषा में यहां के निवासियों के लिए बहुत ही सरल है । ऐसे में जो पुरानी दस्तावेज जो अंग्रेज के शासनकाल में अंग्रेजी और उर्दू में मनाई जाती थी । उनको हिंदी में तब्दील कर अंग्रेजी और उर्दू का स्पष्ट रूप से बहिष्कार किया जाए । वहीं 90 के दशक में भूमिगत दस्तावेजों हमें उर्दू और अंग्रेजी का समावेश अधिक था जबकि कुछ अत्याधुनिक नक्शे एवं दस्तावेजों में अब हिंदी के प्रयोग होते हैं उसी प्रकार जहां अभी अंग्रेजी एवं उर्दू का प्रयोग हो रहा हो उनको हटाया जाए और वहां पर हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाए ताकि हिंदी भाषी सरलता से समझ सके ।
 
स्कूली जीवन शैली भी होंगे आसान ।

स्कूली शिक्षण शैली भी हिंदी माध्यमिक हो तो यहां के विद्यार्थियों के लिए भी बहुत आसान होगा जैसे कुछ परीक्षाओं में परिवर्तन किए गए हैं उसी प्रकार अन्य परीक्षाओं में है में भी हिंदी के अलावा अन्य भाषाओं का बहिष्कार किया जाए ।

 दुनिया भर में सत्य न्याय का प्रतीक है हिंदुस्तान ।

हिंदुस्तान दुनियाभर में सत्य न्याय और अध्यात्म का प्रतीक आदिकाल से रहा है । विश्व में केवल यही एक धरती है जहां सनातन धर्म का निवास है, जहां सनातनी लोग अपना जीवन आध्यात्मिक जीवन शैली के साथ निर्वाह करते है । या यूं कहें तो यह विविधताओं में एकता का देश शुरू से रहा है। उसी प्रकार इस धर्म और सभ्यता की भाषा भी विश्व में एकल और सर्वोपरि रहा है । हिंदी भाषा और इसके व्याकरण इतने जटिल हैं जिसका अध्ययन दशकों तक करने के बाद भी पूर्ण ज्ञान संभव नहीं है । हिंदी संस्कृत भाषा का सरल बनाया गया एक भाषा है और संस्कृत की सरल भाषा हिंदी इतना जटिल है तो आप समझ सकते हैं कि इसकी गुणवत्ता क्या होगी । एक ऐसी भाषा जिसके अतुलनीय विद्वान महर्षि पाणिनि द्वारा रचित इसका व्याकरण विश्व में सभी भाषाओं से अटूट है । सभी भारतवासियों को सभी भारत वासियों को इस बात का गर्व होना चाहिए कि हम भारत के नागरिक हैं और हमारी भाषा विश्व के सबसे सुदृढ़ और सकारात्मक एवं विशिष्ट हिंदी भाषा है जो कि संपूर्ण भारतवर्ष का मातृभाषा सर्वसम्मति से बनाया गया है । ब्रिटिश काल में भी हिंदी और संस्कृत भाषा के रचनाएं हिंदुस्तान के पटल पर अपना ऐतिहासिक अमिट चित्रण किया है ।

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